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Thursday, July 17, 2014

दुरियॉं The Distance

दुरियॉं The Distance

मेरी नजरों से, इतना न गिरों
कि उठाना मुश्किल हो जाये

मेरे सामने से तुम निकलों
और नजरे मिलाना मुश्किल हो जाये

मेरे जजबात, माना, पढना है मुश्किल
थोड़ा दिल मिला कर देखों
रास्‍ता आसान हो जाए

बेवफा बताने से पहले
सनम वफा तो जानी होती
दूर जाने से पहले
हकीकत तो पहचानी होती

जब घाव दिल का दिया हो
परायों को क्‍या कहे? अपने ही रूठ जाते है!
दुरियॉं दिलों की, कब्र है ए-जालिम
जिन्‍दों की क्‍या कहे, मुर्दों का दिल जला दें

हमसे शिकवा करते हो
हमारी शिकायत नहीं सुनते
यो दिल की दुरियॉं नहीं मिटाई जाती

परायों में बैठ कर
हमें और पराया पाओगे
दुरियॉं मिटाने की जगह
दुरियॉं और पाओगे

चार दिवारों से
दुनिया नहीं देखी जा सकती!
चार दिवारों से
दुनिया नहीं देखी जा सकती!

राघव पुरोहित

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