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Monday, July 14, 2014

Chalte Chalte 2

6.
आज शाम चाहे हसीं लग रही हो,
खुशनसीब नहीं हो सकती,

आप आज चाहे नमी आँखों में रखते हो,
पर यह दिल कि खुशी नहीं हो सकती

तडफ दिल की, आँखे छुपा न पा रही,
भीगी हुई पलकें हर राज बता रही

आप किसी की यादों में खोये से है,
अपने को आसुओं के समंदर में डुबोये से है

हमें आपके गम की मरहम का ध्यान नहीं,
अगर आप बता दें, कोई नुकसान नहीं

द्वारा: राघव पुरोहित

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