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Monday, July 14, 2014

Chalte Chalte 1

2- बस ऐसे ही -

बिन पैसे के राजा भी मोहताज हो जाता है,
पैसा हो तो, भिखमंगा भी सरताज हो जाता है

द्वारा: राघव पुरोहित

बरफाना रूप लिए, बरसाती फुहार आई,
दीवाना रूप लिए, दिल कि बहार आई
द्वारा: राघव पुरोहित

तारों सी टिमटिमाओं , सितारों सी जगमगाओं
हे! चांदनी, रातो में न छिप जाओं
द्वारा: राघव पुरोहित

ये हुस्न कि दिवार है,
दुधारी तलवार है
बचना ही मुश्किल नहीं,
चलना भी खतरनाक है

द्वारा: राघव पुरोहित

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