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Monday, September 15, 2014

Duniya दुनिया

भाई! मेरे,
भुल जाओं उसको
केवल
याद करों खुदकों
हॉं!
काम करों केवल
स्‍वयं के लिए
लेकिन
बात (चाटूकारी) करों 
जैसे आप सोचते हो सबकी
नेता नहीं हो आप
लेकिन थोड़े तो अभिनेता बनों
मन की बात चेहरे पर मत धरों
चेहरा न बता पाये मन के हाल
ऐसे बनो खुद की ढाल

राघव पुरोहित


Preach प्रवचन

1. अनुभव व विवेक से परे केवल झुठे व लालच भरे व्यक्तियों की बातों से स्वयं का मत बना लेना घातक होता है. यह आपके स्वयं के चरित्र को भी भ्रमपूर्ण बना देता है. आप अविश्वनीय प्रतीत होते है.

 2. किसी उद्देश्य पूर्ति हेतु पूरे प्रयास करने पर भी उद्देश्यपूर्ति न होने का कारण है ईश्वर ने आपके लिए दूसरा रास्ता चुन रखा है बस उसे पहचान कर उस ओर कदम बढाने की देर है सफलता आपके कदम चूमेगी |

 3. सही दिशा में मेहनत हमेशा सही परिणाम देती है लेकिन गलत व्‍यक्ति के सा‍थ सही मेहनत भी गलत परिणाम दे सकती है

साथ ही - गलत सोच के व्‍यक्ति आपकी सही मेहनत व बात को भी गलत समझते है।


4.  कभी-कभी आपकी जीत आपकी मेहनत का नतीजा न होकर आपके प्रतिद्वन्‍दी की उदासीनता या कम मेहनत का नतीजा होती है।
इसे इस प्रकार भी कह सकते है-
कभी-कभी आपके प्रतिद्वन्‍दी की जीत उसकी मेहनत का नतीजा न होकर आपकी उदासीनता या कम मेहनत का नतीजा होती है।

5. 

कुछ कहते हैं  - पुरानी बाते भुल जाना ही अच्‍छा है...
हम कहते हैं  - पुरानी बात ही सबक देती है याद रखना जरूरी है...
बात अजीब है ना..? 
कुछ कहते हैं  - पुरानी बात भुल जाना बस उससे मिला सबक याद रखना चाहिए

हम कहते हैं - पाठ और पाठ का सबक दोनों साथ याद रखने पर ही ऩम्बर ज्यादा आते हैं


सन्त राघव बाबा

Understanding

न उसने समझा, न मैंने समझा!

बहना नदी का किस ओर था?


लहर जमाने की किस ओर थी?


हमारा, किनारा..! किस ओर था?



राघव पुरोहित

Your Love तुम्‍हारा प्‍यार

Your Love तुम्‍हारा प्‍यार
तुमने प्‍यार को मेरे
आंचल में छुपा लिया
यादों को मेरी तुमने
सपनों में सुला दिया
ये बेरूख ऑखें
दास्‍ताने दासता बया करती है
पास होकर भी
दूरियों का जहॉं बया करती है
जाअों! उड़ जाओं
बेमेल हैं यहॉं
मिले नया जहॉं
बंधन बांधना, बंधन छाटना
यादों में झाकना, यादों को पाटना
भुला देना, भ्‍ाुल जाना
आसां नहीं
गगन मुक्‍त है
मुक्‍त सब पंछी तारे
जाओं। उड़ जाओं
यही अंतिम घटा रे!

राघव पुरोहित