Search This Blog

Monday, September 15, 2014

Your Love तुम्‍हारा प्‍यार

Your Love तुम्‍हारा प्‍यार
तुमने प्‍यार को मेरे
आंचल में छुपा लिया
यादों को मेरी तुमने
सपनों में सुला दिया
ये बेरूख ऑखें
दास्‍ताने दासता बया करती है
पास होकर भी
दूरियों का जहॉं बया करती है
जाअों! उड़ जाओं
बेमेल हैं यहॉं
मिले नया जहॉं
बंधन बांधना, बंधन छाटना
यादों में झाकना, यादों को पाटना
भुला देना, भ्‍ाुल जाना
आसां नहीं
गगन मुक्‍त है
मुक्‍त सब पंछी तारे
जाओं। उड़ जाओं
यही अंतिम घटा रे!

राघव पुरोहित

No comments:

Post a Comment