कुछ कमी है
हम अपनी तो ले सकते है
तुम्हारी कैसे ले
गारंटी!
हम खुद से तो कह सकते है
तुम से कैसे कहे
सच्चाई!
दो पल
साथ था
साया
दो पल में
कीधर गया
आस और सास का
भरोसा नहीं
कब रूठ जाए
हम अपनी तो ले सकते है
तुम्हारी कैसे ले
गारंटी!
हम खुद से तो कह सकते है
तुम से कैसे कहे
सच्चाई!
दो पल
साथ था
साया
दो पल में
कीधर गया
आस और सास का
भरोसा नहीं
कब रूठ जाए
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